Lingering thoughts
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Tuesday, June 28, 2011
अजब पहेली है ये रिश्ते
अजब पहेली है ये रिश्ते,
पल पल ये बदलते रिश्ते,
कभी इस मन कभी उस मन जुरते,
कभी इक पेहचान को जुझते,
कभी गुमनामी मे कलप्ते,
ये रिश्ते ना मांगे धन,
मांगे तो बस अपनापन,
वक़त बदला रिश्ते बदले,
अपनापन तो बस अब मिथ्या...
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